डेविड धवन ने अपनी कॉमेडी फिल्मों से हमेशा दर्शकों को गुदगुदाया है, पर न जाने क्यों उनकी फिल्मों में वो पहले जैसी बात नहीं रही, डेविड कि कॉमेडी फ़िल्में भले ही तर्कहीन होती हो पर दर्शकों का बहुत उम्दा मनोरंजन तथा हंसने के लिए मजबूर करती है, जिस विषय पर रास्कल्स बनाई गई है, उसी विषय पर डेविड धवन ने गोविंदा और अनिल कपूर को लेकर 'दीवाना मस्ताना' तथा सलमान और अक्षय को लेकर 'मुझसे शादी करोगी' जैसी सुपर हिट फिल्मों का निर्देशन किया था. वही निर्देशक और वही विषय होने के बावजूद भी ये फिल्म 'दीवाना मस्ताना' और 'मुझसे शादी करोगी' से कोसो दूर है, एक अच्छी कॉमेडी फिल्म के लिए सिचुएशन, एक्टिंग, टाईमिंग, संवाद बहुत जरुरी होते है, पर इस फिल्म में हर चीज कि थोड़ी थोड़ी कमी है.
फिल्म में कहानी और स्क्रिप्ट बेदह कमजोर है, चेतन (संजय दत्त ) और भगत (अजय देवगन) दो छोटे मोटे चोर है, दोनों ही एक अमीर लड़की (कंगना ) को पटाने कि कोशिश करते है. कंगना के करीब जाने और उससे चिपकने के लिए ऊंटपटांग हरकते करते है.ये स्पष्ट नहीं है कि कंगना कौन है तथा दोनों को कंगना के पैसो में ज्यादा दिलचस्पी है या उसकी खूबसूरती में. उसके पूरी फिल्म बैंकोक के एक सेवन स्टार होटल में शूट की गयी है, होटल के हर हिस्से में कोई न कोई सीन शूट किया गया है, कई फिल्मे बिना स्क्रिप्ट और कहानी के भी अच्छे निर्देशन और और प्रस्तुतीकरण की वजह से दर्शकों द्वारा पसंद की जाती है, पर इस फिल्म का स्क्रीनप्ले बहुत घटिया है,फिल्म में अर्जुन रामपाल भी नजर आते है पर उनके पास करने को कुछ ज्यादा नहीं था. फिल्म में अंत में दर्शकों को जरा सा चौकाया गया है, पर ये काफी नहीं है, नई हीरोइन लीसा हेडन ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, आइटम नंबर में प्रभावित करती है, सतीश कौशिक, चंकी पाण्डेय, अनिल धवन भी नजर आते है.
लगता है कि दर्शक अब संजू बाबा को कॉमेडी फिल्मों में नहीं देखना चाहते , तभी उनकी इस साल 'डबल धमाल', 'चतुर सिंह 2 स्टार' को दर्शकों ने पसंद नहीं किया संजय दत्त इस फिल्म के निर्माता है तो उन्हें तो फिल्म में होना ही था, पर इस किरदार में वे अब फिट नहीं बैठते, अब उन्हें कंगना जैसी हीरोइनों के साथ रोमांस करते देखना अजीब लगता है, अजय देवगन ने अच्छा काम किया है और फिल्म कि कमियों कि कवर करने कि पूरी कोशिश भी की है, फिल्म में विशाल शेखर का संगीत औसत है,
संक्षेप में कहा जाये तो फिल्म से ज्यादा उम्मीद लगाना बेकार है, फिल्म का कोई भी हिस्सा सशक्त नहीं है.
स्टार 2 /5
मनेन्द्र यादव
द्वारा मनेन्द्र यादव
मनेन्द्र यादव

ajay devgan ka kaam accha hai
ReplyDelete